बालाघाट के पठार क्षेत्र में प्राकृतिक कृषि एवं गौ पालन
KGVS संस्था की एक पहल — किसानों की समृद्धि, मिट्टी का स्वास्थ्य और उन्नत गौ पालन के लिए।
जैविक तरीके से उगाई गई धान की फसल
गेहूं फसल
प्राकृतिक विधि से उगाई गई गेहूं की फसल
हमारा उद्देश्य: किसानों का सशक्तिकरण और प्रकृति का संरक्षण
KGVS संस्था (कृषि सारथी) द्वारा बालाघाट जिले के पठार क्षेत्र में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हमारा लक्ष्य क्षेत्र के किसानों को रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती अपनाने और उन्नत गौ पालन के लिए प्रेरित व प्रशिक्षित करना है। हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए कदम से कदम मिलाकर उनकी मदद कर रहे हैं।
1. प्राकृतिक खेती (Natural Farming)
हम किसानों को बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के खेती करना सिखाते हैं।
जीवामृत, बीजामृत और स्थानीय संसाधनों से तैयार जैविक खादों के उपयोग पर जोर दिया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
2. उन्नत गौ पालन (Cow Rearing)
प्राकृतिक खेती का मुख्य आधार गौ माता है। हम किसानों को स्वदेशी गायों के पालन, उनके स्वास्थ्य प्रबंधन और गौ-उत्पादों (गोबर, गौमूत्र) के सही उपयोग के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इससे किसानों को अतिरिक्त आय (दुग्ध उत्पादन) के साथ-साथ खेती के लिए उत्तम खाद भी प्राप्त होती है।
3. किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम (Farmer Training Programs)
किसानों के लिए समय-समय पर कार्यशालाओं और जमीनी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।
विशेषज्ञों द्वारा नई तकनीकों, फसल प्रबंधन, और गौ आधारित शून्य-बजट प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है।
गैलरी
प्राकृतिक कृषि और शिक्षा की झलकियाँ
हमारा परिचय
कृषि सारथी प्राकृतिक कृषि और किसान कल्याण के लिए समर्पित है।
हमारी सेवाएं
प्राकृतिक कृषि, किसान पंजीकरण, और शिक्षा के क्षेत्र में हमारी प्रतिबद्धता।
